गंगरेल डेम का नाम आप लोगो सुना होगा , नाम से ही पता चलता है की ये बहुत बड़ा बांध होगा | यह धमतरी से लगभग 17 किलोमीटर और राजधानी रायपुर से लगभग 90 किलोमीटर दूर में स्थित है | गंगरेल बांध इसका एक और नाम है जो आप लोगो ने सुना भी नहीं होगा इसका दूसरा नाम रविशंकर सागर बांध है यह नाम मध्य प्रदेश के प्रथम मुख्यमंत्री श्री रविशंकर शुक्ला जी के नाम पर रखा गया है यह बाँध महानदी के पर में बनाया गया है यह बांधधमतरी जिले में स्थित है | यह छत्तीसगढ़ का सबसे लम्बा बांध है इस बांध पर 10 मेगावॉट की जल विद्धुत परियोजना संचालित है गंगरेल बांध में जल धारण क्षमता 15000 क्यूसेक है इस जलाशय से भिलाई इस्पात संयंत्र , भिलाई और दुर्ग की जल आपूर्ति की जाती है |
इस बांध के समीप सी एक माँ अंगारमोती का मंदिर भी स्थित है जो अपनी कला संस्कृति के लिए प्रसिद्ध है इनका मंदिर बहार हरियाली में ही है इनका दर्शन हम बाहर से ही कर सकते है |
छत्तीसगढ़ का मिनी गोवा :- जिले में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए राज्य शासन द्वारा गंगरेल बांध में वाटर स्पॉट्स समेल अन्य मनोरंजन सुविधा उपलब्ध कराई गयी है गंगरेल में ही समुद्र की तरह बोटिंग की सुविधा की है | छत्तीसगढ़ के अलावा अब अन्य प्रदेशो से भी यहाँ बड़ी तादात में शैलानी यहाँ के नज़ारो का लुप्त उठाने के लिए यहाँ आते है |
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